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दैनिक भोगियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ; 200 पदों पर होगी भर्ती

वन निगम के दैनिक भोगियों के नियमितीकरण को मंजूरी, लंबे समय से इंतजार खत्म होने की उम्मीद
करीब 100 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड और 100 वनवीरों के पदों पर जल्द भर्ती
ओपीएस, करुणामूलक नियुक्ति, स्टाफ की कमी और सुविधाओं का मुद्दा भी बैठक में उठा


शिमला। हिमाचल प्रदेश वन निगम के कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों को लेकर बुधवार को शिमला में हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। दैनिक भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, रिक्त पदों को भरने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और करुणामूलक आधार पर नियुक्तियों जैसे विषय बैठक में प्रमुखता से उठाए गए।

राज्य वन निगम कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची और प्रधान अरण्यपाल (वन बल हिमाचल मुख्य) डॉ. संजय सूद से मुलाकात कर कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं को विस्तार से उनके सामने रखा। बैठक में कर्मचारियों की कमी से लेकर फील्ड में कामकाज प्रभावित होने और कर्मचारियों को समय पर जरूरी सुविधाएं नहीं मिलने तक के मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद निगम की ओर से बताया गया कि रिक्त पदों को भरने के लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत करीब 100 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड और लगभग 100 वनवीरों की नियुक्ति की जाएगी। यानी निगम में करीब 200 पदों पर भर्ती का रास्ता तैयार किया जा रहा है।

दैनिक भोगियों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठा

वन निगम कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने लंबे समय से सेवाएं दे रहे दैनिक भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। महासंघ ने कहा कि कई कर्मचारी वर्षों से निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक नियमितीकरण का इंतजार है।

प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की सेवा अवधि और उनके सामने आ रही आर्थिक एवं सामाजिक परेशानियों का हवाला देते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग रखी। बैठक में इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख सामने आने से लंबे समय से नियमित नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों को राहत की उम्मीद जगी है।

200 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया

वन निगम में लगातार बढ़ रही कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। महासंघ ने अधिकारियों को बताया कि फील्ड स्तर पर पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण निगम के कई काम प्रभावित हो रहे हैं।

इसी के मद्देनजर अधिकारियों ने बताया कि रिक्त पदों को भरने के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। करीब 100 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड और लगभग 100 वनवीरों की नियुक्ति किए जाने की जानकारी दी गई।

भर्ती होने के बाद वन निगम के फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की कमी दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर वन क्षेत्रों में निगरानी और निगम से जुड़े मैदानी कार्यों को गति मिल सकती है।

कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई

बैठक में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग भी उठाई। महासंघ ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन योजना महत्वपूर्ण है।

महासंघ ने सरकार से मांग की कि वन निगम के कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ओपीएस बहाली के मुद्दे पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।

इस पर वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने महासंघ को आश्वस्त किया कि इस महत्वपूर्ण विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों के पक्ष को सरकार तक पहुंचाने में पूरा सहयोग देने की बात कही।

करुणामूलक नियुक्तियों के लंबित मामलों पर भी चर्चा

बैठक में करुणामूलक आधार पर नियुक्तियों का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। महासंघ ने कहा कि कई पात्र परिवार लंबे समय से अपने आश्रितों की नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, वर्षों से लंबित मामलों के कारण पात्र परिवारों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ ने मांग की कि पात्र मामलों का जल्द निपटारा कर आश्रितों को नियुक्तियां प्रदान की जाएं।

अधिकारियों ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।

फील्ड में स्टाफ की कमी से प्रभावित हो रहा काम

वन निगम कर्मचारी महासंघ ने फील्ड स्तर पर लगातार बढ़ रही स्टाफ की कमी को लेकर भी चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव पड़ रहा है और कई स्तरों पर कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

वन निगम के काम का बड़ा हिस्सा मैदानी स्तर से जुड़ा है। ऐसे में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है। प्रस्तावित 200 पदों पर भर्ती को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वर्दी और सुरक्षा उपकरण समय पर देने के निर्देश

बैठक में कर्मचारियों को समय पर वर्दी, सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का मुद्दा भी उठाया गया।

महासंघ ने कहा कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। कर्मचारियों ने संबंधित सामान और सुविधाएं समय पर उपलब्ध करवाने की मांग रखी।

अधिकारियों ने इस संबंध में संबंधित शाखाओं को आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही। इसके अलावा कर्मचारियों की अन्य मांगों और प्रशासनिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

कर्मचारी महासंघ ने रखा मांगों का पूरा एजेंडा

वन निगम कर्मचारी महासंघ के चेयरमैन प्रीतम पाल ठाकुर और प्रधान बाबूराम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल बैठक में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को अधिकारियों के सामने रखा।

बैठक में महासचिव विक्रांत कडसोली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कान चंद ठाकुर, उपाध्यक्ष पंकिल ठाकुर सावड़ा, जगतराम, कोषाध्यक्ष विकास, अर्जुन सिंह और श्यामलाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

महासंघ ने उम्मीद जताई कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर जल्द ठोस कार्रवाई होगी और कर्मचारियों को लंबित मामलों में राहत मिलेगी।

भर्ती से लेकर नियमितीकरण तक, कर्मचारियों को फैसलों का इंतजार

वन निगम में एक तरफ जहां करीब 200 पदों पर भर्ती की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ दैनिक भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, ओपीएस और करुणामूलक नियुक्तियों जैसे मुद्दे भी कर्मचारियों के लिए अहम बने हुए हैं।

बैठक में अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद कर्मचारियों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर अब प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। खास तौर पर नियमितीकरण और रिक्त पदों पर भर्ती का फैसला निगम के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होती है और नियमितीकरण से जुड़े मामलों पर सरकार की ओर से अगला औपचारिक कदम कब उठाया जाता है